बुजुर्गों की सीखबुजुर्गों की सीख
बुजुर्गों की सीख और उनके अनुभव हमारे जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं
507 हैड और पश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण जीवन, जल, संस्कृति और खेती की सच्ची रिपोर्टिंग।
बुजुर्गों की सीखबुजुर्गों की सीख और उनके अनुभव हमारे जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं
पशुपालन
इतिहास और विरासतराजस्थान का इतिहास अत्यंत प्राचीन, गौरवशाली और वीरता से भरा हुआ है।
इतिहास और विरासतगुर्जर-प्रतिहार वंश: 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच इस वंश ने अरब आक्रमणकारियों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई और 'मारू-गुर्जर' वास्तुकला को बढ़ाया। [1] मेवा
खेती-बाड़ीHow a farmer from Nashik grew 195 quintal onion
Modern farming methods have often proven effective and have delivered outstanding results. A farmer from Nashik, stands testimony to the wonders modern farming
Modern farming methods have often proven effective and have delivered outstanding results. A farmer from Nashik, stands testimony to the wonders modern farming
खेती-बाड़ी की सही और सफल जानकारी के लिए मिट्टी, पानी, मौसम और बाजार की मांग का तालमेल सबसे जरूरी है। भारत में प्रमुख रूप से तीन फसल चक्र होते हैं: खरीफ, रबी और
राजस्थानी गट्टे की सब्जी राजस्थान का एक बहुत ही प्रसिद्ध और पारंपरिक शाकाहारी व्यंजन है, जिसे मुख्य रूप से बेसन (चने के आटे) और दही की मसालेदार ग्रेवी से बनाया
खान-पानदाल बाटी चूरमा राजस्थान का सबसे लोकप्रिय, पारंपरिक और शाही व्यंजन है। यह केवल एक भोजन नहीं है, बल्कि राजस्थानी संस्कृति और वहां की मेहमाननवाज़ी की पहचान है।
इतिहास और विरासतबीकानेर के छतरगढ़ क्षेत्र में 507 हेड केवल एक जल वितरण केंद्र नहीं, बल्कि मरुभूमि में जीवन और हरियाली की नई गाथा है।
नहरबंदी और सीमित जल उपलब्धता के बीच किसान कैसे मिट्टी की नमी सहेजकर बंपर पैदावार ले रहे हैं, जानिए इस रिपोर्ट में।
पशुपालनकम चारे और भीषण गर्मी में भी भरपूर दूध देने वाली राठी नस्ल आज पूरे देश के पशुपालकों की पहली पसंद बन रही है।
जब मौसम विभाग नहीं था, तब ग्रामीण बुजुर्ग बादलों की चाल, हवा के रुख और पक्षियों की बोली से पूरे साल का हाल बता देते थे।
मिट्टी के चूल्हे पर सिका कड़क सोगरा, शुद्ध मक्खन और सूखी सांगरी की सब्जी—यह केवल खाना नहीं, मरुभूमि का अमृत है।
अलगोजा, कमायचा और खड़ताल की धुन पर जब रेगिस्तान में शाम ढलती है, तो सदियों पुरानी दास्तानें जीवंत हो उठती हैं।
किसानकड़ाके की धूप और ठंडी रातों में नहर के पानी का पहरा देने वाले 507 हेड के किसानों का त्याग और समर्पण।
खेती-बाड़ीरेतीली जमीन पर बागवानी क्रांति: 507 हेड के किसान ड्रिप सिस्टम से मीठे किन्नू उगाकर लाखों कमा रहे हैं।
औषधीय गुणों से भरपूर ऊँटनी के दूध की माँग देश-विदेश में बढ़ी, थार के पशुपालकों को मिल रहा नया बाजार।
किसानकड़ाके की ठंड और अंधेरी रातों में नहरी खाळे पर फावड़ा थामे किसान की पहरेदारी की वास्तविक रिपोर्ट।
बुजुर्गों की सीखआधुनिक पाइपलाइनों से सदियों पहले थार के लोगों ने छत और आगोर के हर कतरे को सहेजने का जो विज्ञान गढ़ा, वह आज भी प्रेरणा है।
धोरों में बेल पर पकने वाले मतीरे और जंगली काचरी के औषधीय गुण और पारंपरिक जायके की अनूठी दास्तान।