रेत के धोरों के बीच 507 हेड: इतिहास, नहरी क्रांति और बदलता परिवेश
बीकानेर के छतरगढ़ क्षेत्र में 507 हेड केवल एक जल वितरण केंद्र नहीं, बल्कि मरुभूमि में जीवन और हरियाली की नई गाथा है।

राजस्थान के बीकानेर जिले की छतरगढ़ तहसील में स्थित 507 हेड इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जाता है। कभी मीलों दूर तक फैले बंजर रेतीले धोरों के बीच जब नहरी पानी पहुँचा, तो यहाँ के जनजीवन और भूगोल ने एक नया मोड़ लिया। स्थानीय बुजुर्ग बताते हैं कि नहर आने से पहले यहाँ तेज गर्म हवाएं (लू) और बवंडर रोज की बात हुआ करते थे। आज इस क्षेत्र में किन्नू, गेहूँ और सरसों के लहलहाते खेत देखकर कोई भी इस बात का अंदाजा नहीं लगा सकता कि यह वही सूखा मरुस्थल है। 507 हेड की यह ऐतिहासिक यात्रा संघर्ष, धैर्य और इंसानी हौसले की वो मिसाल है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक सहेज कर पहुँचाना हमारा पहला कर्तव्य है।

507 Head संपादकीय टीम
507 हैड और पश्चिमी राजस्थान के ग्रामीण जीवन, जल, संस्कृति और खेती की सच्ची रिपोर्टिंग।


