बुजुर्गों की सीखबुजुर्गों की सीख
बुजुर्गों की सीख और उनके अनुभव हमारे जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं





इतिहास और विरासत
बीकानेर के छतरगढ़ क्षेत्र में 507 हेड केवल एक जल वितरण केंद्र नहीं, बल्कि मरुभूमि में जीवन और हरियाली की नई गाथा है।
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बीकानेर के छतरगढ़ क्षेत्र में 507 हेड केवल एक जल वितरण केंद्र नहीं, बल्कि मरुभूमि में जीवन और हरियाली की नई गाथा है।
बुजुर्गों की सीखबुजुर्गों की सीख और उनके अनुभव हमारे जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं
पशुपालन
इतिहास और विरासतराजस्थान का इतिहास अत्यंत प्राचीन, गौरवशाली और वीरता से भरा हुआ है।
इतिहास और विरासतगुर्जर-प्रतिहार वंश: 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच इस वंश ने अरब आक्रमणकारियों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई और 'मारू-गुर्जर' वास्तुकला को बढ़ाया। [1] मेवा
खेती-बाड़ीHow a farmer from Nashik grew 195 quintal onion
Modern farming methods have often proven effective and have delivered outstanding results. A farmer from Nashik, stands testimony to the wonders modern farming
अपनी मिट्टी, अपनी पहचान, अपनी जीवंत गाथा
बीकानेर के छतरगढ़ अंचल में स्थित 507 हैड केवल एक नहरी जल वितरण केंद्र नहीं, बल्कि थार मरुस्थल के रेतीले धोरों में जीवन, कड़े संघर्ष, नहरी क्रांति और ग्रामीण उत्थान की ऐतिहासिक पहचान है।
हमारा डिजिटल मंच पश्चिमी राजस्थान के किसानों के अनथक परिश्रम, नहरी खेती के आधुनिक तौर-तरीकों, राठी गोवंश की समृद्ध परंपरा, बुजुर्गों के अमूल्य अनुभवों और लोक संस्कृति को प्रामाणिकता के साथ सहेजने के लिए समर्पित है।

राजस्थान का इतिहास अत्यंत प्राचीन, गौरवशाली और वीरता से भरा हुआ है।

गुर्जर-प्रतिहार वंश: 8वीं से 11वीं शताब्दी के बीच इस वंश ने अरब आक्रमणकारियों को रोकने में बड़ी भूमिका निभाई और 'मारू-गुर्जर' वास्तुकला को बढ़ाया। [1] मेवा

बीकानेर के छतरगढ़ क्षेत्र में 507 हेड केवल एक जल वितरण केंद्र नहीं, बल्कि मरुभूमि में जीवन और हरियाली की नई गाथा है।
Modern farming methods have often proven effective and have delivered outstanding results. A farmer from Nashik, stands testimony to the wonders modern farming
Modern farming methods have often proven effective and have delivered outstanding results. A farmer from Nashik, stands testimony to the wonders modern farming

कड़ाके की धूप और ठंडी रातों में नहर के पानी का पहरा देने वाले 507 हेड के किसानों का त्याग और समर्पण।

How a farmer from Nashik grew 195 quintal onion
खेती-बाड़ी की सही और सफल जानकारी के लिए मिट्टी, पानी, मौसम और बाजार की मांग का तालमेल सबसे जरूरी है। भारत में प्रमुख रूप से तीन फसल चक्र होते हैं: खरीफ, रबी और
नहरबंदी और सीमित जल उपलब्धता के बीच किसान कैसे मिट्टी की नमी सहेजकर बंपर पैदावार ले रहे हैं, जानिए इस रिपोर्ट में।

बुजुर्गों की सीख और उनके अनुभव हमारे जीवन को सही दिशा देने का काम करते हैं
जब मौसम विभाग नहीं था, तब ग्रामीण बुजुर्ग बादलों की चाल, हवा के रुख और पक्षियों की बोली से पूरे साल का हाल बता देते थे।

आधुनिक पाइपलाइनों से सदियों पहले थार के लोगों ने छत और आगोर के हर कतरे को सहेजने का जो विज्ञान गढ़ा, वह आज भी प्रेरणा है।
राजस्थानी गट्टे की सब्जी राजस्थान का एक बहुत ही प्रसिद्ध और पारंपरिक शाकाहारी व्यंजन है, जिसे मुख्य रूप से बेसन (चने के आटे) और दही की मसालेदार ग्रेवी से बनाया

दाल बाटी चूरमा राजस्थान का सबसे लोकप्रिय, पारंपरिक और शाही व्यंजन है। यह केवल एक भोजन नहीं है, बल्कि राजस्थानी संस्कृति और वहां की मेहमाननवाज़ी की पहचान है।
मिट्टी के चूल्हे पर सिका कड़क सोगरा, शुद्ध मक्खन और सूखी सांगरी की सब्जी—यह केवल खाना नहीं, मरुभूमि का अमृत है।


कम चारे और भीषण गर्मी में भी भरपूर दूध देने वाली राठी नस्ल आज पूरे देश के पशुपालकों की पहली पसंद बन रही है।
औषधीय गुणों से भरपूर ऊँटनी के दूध की माँग देश-विदेश में बढ़ी, थार के पशुपालकों को मिल रहा नया बाजार।